Saturday, December 12, 2015

कैसे हुआ पहला पगला ?


बातें कर रहे थे पहला  और दूजा। 
तीसरा दूजा को ले गया किनारा। 
कहने लगा पहला नहीं हैं भला। 
पुछा किसने हैं यह कहा भला। 
चौधे  ने हैं जो पंचम ने हैं बताया। 
दूसरा पहले का सामने हैं अब आया। 
रुख हैं अब बिलकुल बदला बदला। 
चेहरे पर घृणा बातों से विमुखता। 
भावव्यतियान  से पहला हुआ पगला। 
अन्तर्धान हुआ दर्शाते अविश्वसनीयता। 
हर दूजे से उसको यही हैं रोज़ झेलना। 
पंत्रह  साल लम्बा हैं यह सिलसिला। 
अब पहला को हैं हर एक से विमुखता। 
एकांत में रह कर खुश हैं वह सदा। 




Labels: ,