गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः
गुरुरेव परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥१॥
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥२॥
चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥३॥
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥४॥
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥५॥
वेदान्ताम्बूजसूर्याय तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥६॥
बिन्दूनादकलातीतस्तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥७॥
भुक्तिमुक्तिप्रदाता च तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥८॥
आत्मञ्जानाग्निदानेन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥९॥
यस्य पादोदकं सम्यक् तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥१०॥
तत्त्वज्ञानात् परं नास्ति तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥११॥
गुरोः परतरं नास्ति तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥१३॥
द्वन्द्वातीतं गगनसदृशं तत्त्वमस्यादिलक्ष्यम् ।
एकं नित्यं विमलमचलं सर्वधीसाक्षीभूतम्
भावातीतं त्रिगुणरहितं सद्गुरुंतं नमामि ॥१४॥
कोऊ भयो मुंडिया संयासी कोऊ जोगी भयो ,
कोऊ ब्रह्मचारी कोऊ जाति अनुमानिबो
हिन्दू तुरक कोऊ राफजी इमामसाफी ,
मानव की जात सबि एकै पहचानबो।
करता करीब सोई राज़क रहीम ओई
दूसरो न भेद कोई मूल श्रम मानबो।
देहुरा मसीत सोई पूजा-ओ -नमाज़ ओई ,
मानस सबै एक पे अनेक श्रमाऊ हैं।
अल्लाह अभेख सोई पुरान और कुरान सोई ,
एक ही सरूप सबै एक ही बनाऊ हैं।
तस्य तस्याचलां श्रद्धां तामेव विदधाम्यहम्।। (श्रीमद् भगवत गीता -7/20)
"जो-जो सकाम भक्त , जिस-जिस देवताके स्वरुप को श्रद्धासे पूजना चाहता हैं , उस-उस भक्तकी श्रद्धाको मैं उसी देवताके प्रति स्थिर करता हूँ।"
येഽप्यन्न्यदेवता भक्ता यजन्ते श्रद्धयान्विताः।
तेഽपि मामेव कौन्तेय यजन्त्यविधिपूर्वकम्।।(श्रीमद् भगवत गीता-9/23)
जघन्य गुणवृत्तिस्तथा अधो गच्छन्ति तामसाः।। (श्रीमद् भगवत गीता 14/18)
प्रेतान्भूतगणांश्चान्ये यजन्ते तमसा जाना। ।(श्रीमद् भगवत गीता -17/14)
श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मोत्स्वनुष्ठितात्।
स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः। (श्रीमद् भगवत गीता-3/35)
अच्छी प्रकार आचरण में लाये हुए दूसरोंके धर्म से गुणरहित भी अपना धर्म अत्युत्तम हैं। अपने धर्म में तो मरना कल्याणकारक हैं और दूसरोंका धर्म भयको देनेवाले हैं।
श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मोत्स्वनुष्ठितात्।
स्वभावनियतं कर्म कुर्वन्नाप्नोति किल्बिषम्। ।(श्रीमद् भगवत गीता-18/46)
अच्छी तरह आचरण किये हुए दूसरोंके धर्म से गुणरहित भी अपना धर्म श्रेष्ठ हैं ; क्योंकि स्वभावसे नियत किये हुए स्वधर्मरूप कर्मको करता हुआ मनुष्य पापको प्राप्त नहीं होता।


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