Friday, December 31, 2021

गोमती विद्या । गौरक्षा हम क्यों करें ?

 गोमती कीर्तयिष्यामि सर्व्वापापप्रणाशिनीम्। 

तां तू में वदतो विप्रा शृणुष्व सुसमाहितः। । 

गावः सुरभयो नित्यं गावो गुग्गुलगंधिकाः। 

गावः प्रतिष्ठा भूतानां गावः स्वस्त्ययनं परम। । 

अन्नमेव परं गावो देवानां हविरुत्तमम्। 

पावनं सर्व्वभूतानां  रक्षन्ति च वहन्ति च। । 

हविषाः मंत्रपूतें तर्पयन्त्यमरान  दिवि। 

ऋषीणामग्निहोत्रेषु गावो होम प्रयोगिताः। । 

सर्ववेषामेव भूतानां गावः शरणमुत्तमम्। 

गावः पवित्रं परमं गावो होम प्रयोजितः। । 

सर्व्वेषामेव भूतानां गावः शरणमुत्तमम्। 

गावः पवित्रं परमं गावो मङ्गलमुत्तमम्।।

 गावः स्वर्गस्य सोपान गावो धन्याः सनातनाः। 

(ॐ ) नमो गोभ्यः श्रीमतीभ्यः सौरभेयीभ्य एव च। ।

नमो ब्रह्मसुताभ्यश्च पवित्राभ्यो नमो नह। 

ब्राह्मणाश्चैव गावश्र्य कुलमेकम द्विधा स्थितम्। ।

एकत्र मन्त्रास्तिष्ठन्ति हविरेकत्र तिष्ठति। 

देवब्राह्मणगोसाधुसाध्वीभिः सकलं जगत। ।

धार्यते वै सदा तस्मात् सर्व्वे पूज्यतमाः सदा। 

यत्र तीर्थे सदा गावः पिबन्ति तृषिता जलम्। ।

उत्तरन्ति पता येन स्थिता तत्र सरस्वती। 

गवां हि तीर्थे वसतीह गँगा पुष्टिस्तथा तद्रजसि  प्रवृद्धा। ।

लक्ष्मीः करीषे प्रणतौ च धर्मस्तासां प्रणामं सततं च कुर्यात्।


 गोमती विद्या 

जलाधिनाथ वरुण के पुत्र- पुष्कर द्वीप के स्वामी -सर्व्वशास्त्रोंके ज्ञाता पुष्कर , भगवान परशुराम के पूछने पर दस विद्या का उपदेश करते हुए उनसे कहते हैं :-

गोऐं नित्यसुरभी रूपिणी 

हे विप्रवर अब मैं गोमती विद्या का वर्णन कर रहा हूँ।  यह गोमती विद्या , समस्त पापोंका समूल नाश करनेवाली हैं।  इसको आप पूर्णतया एकाग्रचित होकर सुनिए :-- गौओंकी प्रथम उत्पादिका  कल्याणमयी , पुण्यमयी , सुन्दर श्रेष्ठ गन्धवाली हैं. वे गुग्गुलके सामान गन्धसे संयुक्त हैं।  गायों पर ही समस्त प्राणियोंके समूह प्रतिष्ठित हैं। वे सभी  प्रकार के परम कल्याण अर्थात धर्म, अर्थ , काम,  एवं मोक्ष की भी सम्पादिका है।  गौएँ समस्त उत्कृष्ट अञ्नोंके उत्पादन की मूलभूत शक्ति हैं।  और वे ही सभी देवताओंके भक्ष्यभूत हविष्यान्न और पुरोडाश आदि की भी सर्व्वोत्कॄष्ट मूल उत्पादिका शक्ति हैं।  यह सभी प्राणियोंको दर्शन -स्पर्शादि के द्वारा सर्वथा  शुद्ध निर्मल एवं निष्पाप कर देती हैं। वे दूध , दही एवं घी आदि , अमृतमय पदार्थोंका क्षरण करती हैं तथा उनके वत्सादि, समर्थ वृषभ बनकर सभी प्रकार का बोझ ढ़ोने  और अन्न आदि उत्पादन का भार वहां करने में समर्थ होते हैं।  वेदमंत्रोंसे पवित्रिकृत हविष्योंके द्वारा स्वर्ग में स्थित देवताओंको वे ही परतृप्त करती हैं।  ऋषि -मुनियोंके यहाँ भी यज्ञों एवं पवित्र अग्निहोत्रादि कार्यों में हवनीय द्रव्यों  केलिये गौओंके ही घृत ,दुग्ध आदि द्रव्यों के प्रयोग होते हैं। . जहाँ कोई भी शरणदाता नहीं मिलता हैं ,वहीँ विश्व के समस्त प्राणियों केलिए गायें ही सर्व्वोत्तम शरण दात्री   बन जाती हैं।  पवित्र वस्तुओंमे गाय ही सर्ववाधिक पवित्र हैं तथा सभी प्रकारके समस्त मंगलजात पदार्थों की कारण भूत हैं।  गायें स्वर्ग प्राप्त करने की प्रत्यक्ष मार्गभूता सोपान हैं, और वे निश्चित रूपसे तथा सदा से ही समस्त धन -समृद्धि की मूलभूत सनातन कारण हैं।  लक्ष्मी को अपने शरीर में स्थान देने वाली गौओंको नमस्कार ! सुरभि के कुल में उत्पन्न शुद्ध एवं पवित्र , सरल एवं सुगन्धियुक्त गौओंको नमस्कार ! ब्रह्म्पुत्री गौओंको नमस्कार !अंतरब्रह्म  से सर्व्वथा पवित्र एवं सुदूर तक समस्त वातावरण को शुद्ध एवं पवित्र करनेवाली गौओंको बार-बार प्रणाम..!

 वास्तव में गौएँ एवं ब्राह्मण दोनों एक कुलके ही प्राणी हैं।  दोनों में विशुद्ध सत्व विद्यमान रहता हैं।  ब्राह्मणों में वेदमन्त्रोंकी स्तिथि हैं ,तो गौओं में यज्ञ के साधनभूत हविष्य की।  इन दोनों के द्वारा ही यज्ञ संपन्न होकर विष्णु आदि देवताओंसे लेकर समस्त चराचर प्राणियों का आप्यायन होता हैं।  यह सारा विश्व सत्व से परिपूर्ण देवता,ब्राह्मण,गाय ,साधु , संत-महात्मा पतिवृता सती -साध्वी , सदाचारिणी नारियोंके  पुण्योंके आधार पर ही टिका हुआ हैं ।ये ही धार्मिक प्राणी सम्पूर्ण विश्व को सदा धारण करते हैं।  अतः यह सदा पूजनीय एवं वन्दनीय हैं।  जिस जलराशि में प्यासी गायें जल पीकर अपनी तृषा शांत करती हैं और जहाँ जिस मार्ग से वह जलराशियोंको लाँघती हुई नदी आदिको पार करती हैं ,वहां गंगा ,यमुना , सिंधु,सरस्वती   आदि  नदियां या तीर्थ निश्चित रूप से विद्यमान रहते हैं।  गौ रुपी तीर्थों में ,गंगा आदि सभी नदियां तथा तीर्थ निवास करते हैं और गौओंके रज कण में सभी प्रकार के निरंतर वृद्धि होनेवाली धर्म - राशि एवं पुष्टि का निवास रहता हैं। गायोंके गोबर में साक्षात भगवती लक्ष्मी निरंतर निवास करती हैं ,और इन्हे प्रणाम करने में चतुष्पाद धर्म संपन्न हो जाता हैं।  अतः बुद्धिमान एवं कल्याणकामी पुरुषोंको ,गायों को निरंतर प्रणाम करते रहना चाहिये।MANOJ KURUP: Kamadhenu (manojkurup1.blogspot.com)




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Tuesday, June 1, 2021

Sanatan Dharma a rare text book of Hindu religion and ethics..

https://drive.google.com/file/d/1grnqCX7boeAWJQ7F-q5LpUA-IYc2BJSa/view?usp=sharing 

An advance text book of Hindu religion & ethics. This book was published in 1916 by Banaras Hindu university . Not available now . All the copies got destroyed . Only one copy was available in the library of California university, which has been digitized by Microsoft..


Tuesday, December 26, 2017

Nothing to beat Indians in knowledge....!

Full text of "Siva Samhita"

THE SIVA SAMHITA THE SIVA SAMHITA. -

यथा हि पुरुषः पश्येदादर्- शे मुखमात्मनः- ।
एवं सुदर्शनद्वीपो दृश्यते चन्द्रमण्ड- ले॥
द्विरंशे पिप्पलस्तत्र द्विरंशे च शशो महान्।।-
(भीम पर्व, महाभारत)
Meaning:-




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Saturday, November 18, 2017

Shabarimala..-Swami Sharanam means ‘the only hope is Ayyappa.

Certain things in life are inherited from the traditions followed since ages without even they being written anywhere but passed on from generations to generations by following and practicing what is deemed right and religious ....Shabarimala Temple visit also not an exception....
Ayappa is celibate so that he can focus on answering the prayers of his devotees. And he will remain celibate till the day any malikappurathamas (first-time girl child devotees) stop coming to Sabarimala. So women aged between 10 and 50 (menstrual age) are not allowed in this shrine .As we know , all over India Hindu ladies during their menstruation period ,normally'll not visit any temple .
Without a proper Vrutham it is a sacrilege to visit the temple or climb the Holy 18 Steps of Shabarimala (The 18 Steps cannot be climbed if you are not carrying an `Irumudi Kettu').A devotee aspiring for a darshan of Lord Ayyappan has to be pure both mentally and physically and for this, he is expected to observe a mandatory fast (vritham) of 41 days .
Women wishing to offer prayers atshrine of Sabarimala will be required to carry proof of age to gain entry into the sanctum sanctorum.

1).http://www.cyberkerala.com/sabarimala/rituals.htm

2).https://www.hindupost.in/society-culture/sabarimala-attack-traditions-hindu-unification/
3).https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/before-arriving-at-sabarimala-temple-in-kerala-devotees-visit-a-mosque/articleshow/50334905.cms
.🙏👹This is the Kerala Health Minister( Communist Party of India (Marxist), she's the person who expressed reservations over rendering of a Sanskrit 'shloka' during the official International Yoga Day celebrations..Next to her is a staunch anti-hindu former SFI leader and Kerala Youth Commission chairperson and firebrand Left leader Chintha Jerome

Communism bans other religions, because it is itself a religion without a God...!


Swamiye Sharanam Ayyappa ...Opening of Shabarimala Temple sanctum sanctorum. A rare view..!



Defaming Hindu religion: A British and leftist propaganda - PGurus

Malayalam Christian portal Spews Hate Against Hindus And God Sri Ayyappa | Internet Hindu

Originally Published By www.hindupost.in The evangelists or Christian missionaries have always spread hatred against Hindus by insulting the Gods worshiped by them - calling the followers of Hindu Dharma as Satan worshipers. The early European Christians who had contacts with the Hindus and their practices considered Hindu Gods as evil beings.












In another shocking instance of  Christian intolerance & contempt for Hindu beliefs and customs, St Adams High School ,  Chikkadpally, Hyderabad Principal expelled   Hindu student  from school premises for wearing AyappaMala and not allowed  to write exam too ....http://www.ayyappaseva.org/Sabarimala/AyyappaVratham
http://internethindu.in/hindu-student-from-st-adams-high-school-was-not-allowed-to-write-an-exam-for-wearing-ayyappa-mala-no-outrage-from-media-as-boy-was-not-muslim-or-christian/


Police are brutally beating the people..Yathish chandra IPS with Specs( With a psychopathic personality) in the video is deployed in Sabarimala Now to curb Hindu terrorism there...






தப்பான வழியில் வேகம் பிடிக்கிறது பினராயி பயணம்


சபரிமலை வழக்கை போட்டது ஆர்.எஸ்.எஸ் ....!

മുഖ്യമന്ത്രിയോട് കരഞ്ഞ് പറഞ്ഞ് തമിഴ്നാട്ടിൽ നിന്നുള്ള അയ്യപ്പ ഭക്തൻ.... 


ചാനലുകൾ കാട്ടാത്ത ശബരിമല കാഴ്ചകൾ




ഒരേ വാർത്ത. രണ്ട് ചാനലിൽ.



ശ്രീകോവിൽ മുറ്റത്ത് വസ്ത്രം കഴുകി ഉണക്കാൻ ഇട്ടിരിക്കുന്നു 


You will be shocked to know the conspiracy behind Sabarimala temple Verdict..

Women devotees at Kottarakara In Kerala do prayer Walk to Save Sabarimala Traditions and Belief. 



Shocking Video of Hindu Aikya Vedi President KP Sasikala Teacher getting arrested at 1.30 A.M.  on her way to Sabarimala!







This is heart-wrenching. A devotee crying and painfully appealing to The God. 


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Tuesday, October 10, 2017

अर्चिरादि मार्ग



प्राणियों केलिए वर्त्तमान शरीर को त्याग कर इस लोक से परलोक में जाने के, वेदों में  दो मार्ग बताये गये  हैं - एक देवयान और दूसरा पितृयान।  देवयान मार्ग शुक्ल और दीप्तिमय हैं तो , पितृयान कृष्ण और  अन्धकारमय हैं।  इसीका गीता में भी प्रतिपादन किया गया हैं :-
शुक्लकृष्णे गती ह्येते जगतः शाश्वते मते ।
एकया यात्यनावृत्तिमन्ययावर्तते पुनः ॥ ८.२६ ॥

क्योंकि शुक्ल और कृष्ण – ये दोनों गतियाँ अनादिकालसे जगत् – (प्राणिमात्र) के साथ (सम्बन्ध रखनेवाली) मानी गयी हैं । इनमें से एक गति में जानेवाले को लौटना नहीं पड़ता और दूसरी गति में जानेवाले को पुनः लौटना पड़ता है । (८.२६)
शुक्ल अधवा देवयान को अनावृत्ति ( मुक्ति) मार्ग और कृष्ण ( पितृयान )को पुनरावृत्ति मार्ग बताया गया हैं।  इस मुक्ति मार्ग को ही अर्चिरादि मार्ग कहते हैं।  अर्चि अग्नि को कहते हैं जो प्रकाश कारक हैं।  
अर्चिरहः सितः पक्ष उत्तरायण वत्सरो। 
मरुद्रवीन्दवो विद्युद्वरुणेंद्र चतुर्मुखाः। ।
एते द्वादश धीराणां परधामा वाहिकाः। 
वैकुण्ठ प्रापिका विद्युद्वरुणा देस्त्वनुग्रहे।। 
 ब्रह्मज्ञानी मुक्त जन अर्चिरादि मार्ग द्वारा परमधाम जाते हैं।  इस मार्ग में अग्निलोक , अहलोक , शुक्लपक्षलोक , उत्तरायण लोक , संवत्सर लोक , वायुलोक , सूर्य लोक , चन्द्र लोक , विद्युत् लोक , वरुण लोक , और ब्रह्म लोक मिलते हैं। 
भगवान् का परमप्रिय भक्त , देह त्याग के पश्चात पहले अग्नि लोक को जाते हैं।  अग्नि लोक का देवता अपने लोक का मार्गदर्शक बनकर उन्हें अहलोक तक पहुँचा देता हैं।  अहलोक का देवता उन्हें अपने लोक का मार्ग दिखाते हुए, उत्तरायण लोक तक पहुँचा कर लौट आता हैं।  उत्तरायण लोक - देव उसे संवत्सर लोक तक पहुँचा देता हैं।  इस तरह ऊपर लिखे बारह लोकोंके अधीशोने अपने अपने लोकसे, दुसरे लोक तक मुक्तात्मा को पहुँचाकर लौट आते हैं :- इसी को अर्चिरादि मार्ग कहते हैं।  

अग्निर्ज्योतिरः शुक्लः षण्मासा उत्तरायणम्। 
तत्र प्रयाता गछन्ति ब्रह्म ब्रह्मविदो जनाः ८ /२४ 
जिस मार्ग में ज्योतिर्मय अग्नि अभिमानी देवता हैं , दिनका अभिमानी देवता हैं , शुक्ल पक्ष का अभिमानी देवता हैं और उत्तरायण लोक के छः अभिमानि देवता है , उस मार्ग में मरकर गए हुए ब्रह्मज्ञानि मुक्तजन अर्युक्त देवताओं द्वारा क्रमसे ले जाए जाकर र्ब्रह्म को प्राप्त होते हैं। 
शुक्लकृष्णे गती ह्येते जगतः शश्वते मते। 
एकया यान्यनावृत्तिमन्ययावर्तते पुनः। ८ /२६ 
अर्जुन। .! इस प्रकार जगत के ये दो प्रकारके शुक्ल और कृष्ण ९ देवयान और पितृयान ) मार्ग जानने  वाला कोई भी योगी मोहित नहीं होता।  इसलिए पार्थ तू सब काल में योग से युक्त हो - निरंतर मेरी प्राप्ति केलिए मुझसे जुड़ा रह। 
अर्चिरादिगतानां हि वैष्णवानां हरिः  स्वयम्। 
गतिः स्मृत्या विनिर्दिष्टा श्रुत्या चापि द्विजोत्तम।। 
निहैतुककृपा दृष्ट्या यमेवेक्षेत माधवः।
स एव निर्गुणे मार्गे परमैकांतिनां मुने।।
विना भागवतीं दीक्षां विनैकाँन्त निषेवणम्। 
नाधिकारो महाभाग   परमैकांतिनां पथि।।
अर्चि मार्ग से जाने वाले भगवान का अनन्य भक्त की गति साक्षात् नारायण ही होते हैं।  जिस पर भगवान कि निहैतुक कृपा होती हैं , वहीं  वैष्णव इसी गुणातीत अर्चि मार्ग से जाता हैं।  वैष्णव धर्म परायण होकर अनन्य भावसे भागवत सेवा किये बिना कोई भी इस मार्ग का अधिकारी नहीं बनता।  
एतद्  यो न विजानाति मार्गद्वितयमात्मवान्। 
दंतशूकः पतंगों व भवेत्कीटोഽथ व कृमिः।।
याज्ञवल्क्य संहिता - स्मृति ३ /१२ ७ 

"जो व्यक्ति अर्चि और धूम मार्ग का ज्ञान नहीं प्राप्त कर सका हैं , वह सर्प , पतंग , कीट , या कृमि अदि योनि में भ्रमता रहेगा सदा  । "

Tuesday, September 26, 2017

raadhe raani de daaro naa


Saturday, September 9, 2017

हरि हर निंदा सुनई जो काना होइ पाप गोघात समाना।।



उत्तर प्रदेश में 

👉 पहली बात ये वीडीयो जरुर देखे और शेयर जरूर करे
उत्तर प्रदेश में
गाय को काटते हुए दो कसाई को एक अकेले बहादुर पुलिस वाले ने पकड़ा ,,कसाईयो ने उनपे धारधार हथियार से हमला किया वो पुलिस वाला पूरा खून से लतपथ हो गया ।।

देखिये विडियो
कृपया शेयर करिए ताकि योगी जी को पता लगे हमारे प्रदेश में ऐसा भी हो रहा है।
Posted by भारतीय सेना on Saturday, September 9, 2017










'Mind-blowing' cows hold clue to beating HIV

Cows have shown an "insane" and "mind-blowing" ability to tackle HIV which will help develop a vaccine, say US researchers. In a first for immunisation, the animals rapidly produced special types of antibody that can neutralise HIV. It is thought cows evolved a supreme immune defence due to their complex and bacteria-packed digestive system.