Sunday, November 22, 2015

पक्षियों को उड़ने का हक़ हैं या नहीं , सुप्रीम कॉर्ट करेगा फैसला।

जगत्रेक मन्त्रेण रामनाभिरक्षितम् रक्षितं। 
यह कण्ठे धारयतेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। ।
रामरक्षा स्तोत्रम -१३ 
शरण्यौ सर्वसत्वानां श्रेष्ठाम सर्वधनुष्पदाम्। 
रक्षः कलनिहन्तारौ त्रायेतां नौ रघूत्तमौ। ।
रामरक्षा स्तोत्रम -१६ 
विप्र धेनु सुर संत हिट लीन्ह मनुज अवतार। 
निज इच्छा निर्मित तनु, माया गुन गोपार।।
गुरबानी 
१ )सभी जीअ तुम्हारे जी तूँ जिआ  का  दातारा। 

जीअ जंत्र सभ ता के हाथा। ।
दींन  दइआल अनाथ को नाथु। 
जिसु राखै तिसु कोई न मारै। 
सो मूआ जिसु मानहु बिसारै। 
तिसु तजि अवर कहा को जाई। 
सभ सीरी एकु निरंजन राई। 
जीअ की जुगति जा कै सभ हाथि। 
अंतरि बाहरि जानहु साथि। 
गन निधान बेअंत अपार। 
नानक दास सदा बलिहार। ( सुखमनी )
https://docs.google.com/document/d/18Sjzuw5EWsWzMov7hffg8G4o-v1AXZMbfv8fRWYA4So/pub

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Friday, November 20, 2015

श्रीजी की नगरी नाथद्वारा में गुरूवार को गोपाष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

Tuesday, November 17, 2015

It's a dog's life. · Video



Life Of An IT Employee
It's a dog's life.
Posted by OfficeChai on Monday, October 19, 2015
In this video, Man demonstrates how to build a primitive hut made out of sticks and clay using only naturally occurring materials.

Sunday, November 8, 2015

गुरगृहाँ गये पढ़न रघुराई।

गुरगृहाँ गये पढ़न रघुराई।   अलप काल सब विद्या आई। ।
जाकी सहज स्वास श्रुति चारी।  सो हरि पढ़ यह कौतुक भारी।। 
विद्या विनय निपुण गुन सीला।  खेल हि खेल सकल नृप सीला।। 
करतल बाण धनुष आति सोहा।  देखत रूप चराचर सोहा।। 
जिन्ह बीथिन्ह बिहरहि सब भाई।  थकित होहि सब  लोग लुगाई।।

Texas Hindu Temple Sets Guinness Record For Longest Chant

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Thursday, November 5, 2015

एक बादशाहत के पतन ..!

इस कहानी की  सभी पात्र एवं घटनाएं काल्पनिक हैं। किसी भी व्यक्ति ,जीवित या मृत ,से इसका सम्बन्ध , महज़ संजोग ही माना जाय।
बादशाह , सितारा -ए  -आलम , शाह -ए -रूह खान प्रधम ,  अपने मुल्क में , अपने प्रति बढ़ती असहिष्णुनता से   अत्यंत चिंतित हो गया।  गद्दी को बचाने केलिए विधाता से कई 'मन्नतें' मांगे।  पर असहिष्णुता वद्रोह में बदल गया।  अमरिका से जो सहायता का प्रतीक्षा था वह भी निष्भल हुआ।  अमरिका के साफ़ इंकार के बाद , बादशाह -ए -आलम विह्वल होकर, मून के दरवाज़ा पे दस्तख दिया।  मून ने  तुरंत ही 'पञ्च ' महाशक्तियोंके संयुक्त बैठक बुलाया। काफी बहस एवं विचार-विमर्श के बाद , निर्णय लिया गया कि, बादशाह के मुल्क में 'मून की सेना' भेजा जाएँ। ज़्यादा समय नहीं लगा ,  सेना बादशाह के मुल्क में पहुँच गया।  नौजवान विद्रोही सेना के साथ , बादशाह -ए -आलम और  मून के संयुक्त सेना के साथ घोर लड़ाई हुई। कई हफ्ते , दुनिया भरके टेलीविज़न चानलों पर ,फिर अखबारों में भी लड़ाई की खबरें  सुर्ख़ियों पर  रहे। युद्धके अंत में , बादशाह को अपना बादशाहत से ' अलविदा ' कहना पड़ा।  विजयी विद्रोहियों ने  देश को एक स्वतन्त्र -गणतंत्र -प्रजातंत्र देश  घोषित किया। और वे लोग ,अपने ही में से ,एक नौजवान युवक को नया स्वतन्त्र देश का भार सौंपा। अपने साथी लोग  बादशाह को , 'कभी अलविदा न कहना', यह  कहकर रोकना चाहे पर , स्थानभ्रष्ट बादशाह पड़ोस देश में शरण लिया। शुभम।
The End...!

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Wednesday, November 4, 2015

Instapaper.... What is it ?